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कोरोनावायरस, श्रम का शिकंजा और सिसकता बचपन

कोरोनावायरस से इस वर्ष 6 करोड़ बच्चे गरीबी में धकेले जाएंगे; एक बड़ी संख्या बाल मजदूर बन जाएंगी; कल हम पूरी पीढ़ी की बर्बादी के दोषी कहलायेंगे

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हिंसक क्यों हो रहे हैं बच्चे?

बच्चों की मुस्कान माता -पिता की खुशी का कारण बनती है उनकी छोटी -छोटी शरारतें सब को भली लगती हैं । इन्ही शरारतों से शिक्षा विशेषज्ञ बच्चे की रचनात्मक क्षमता का अनुमान लगाते हैं। अक्सर देखा गया है कि बच्चे स्कूल या कक्षा के सहपाठियों को अपने रिश्तेदारों से अधिक महत्व देते हैं। इस की […]

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क्या भाजपा 2019 के चुनावों में मुसलमानों को साथ लेगी?

पूरे देश की निगाहें गुजरात चुनावों पर लगी थीं, जबकि हिमाचल प्रदेश का चुनाव भी उसी के साथ हुआ था। वहां वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल के बीच सत्ता हस्तांतरित होती रही है। इसलिए, भाजपा की सरकार बनने में कोई बाधा नहीं थी। धूमल की विफलता के बाद नरेंद्र मोदी की पसंद धूमल की जगह जयराम […]

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लड़कियाँ हासिल न कर सकें, ऐसी कोई चीज़ नहीं

[dropcap]ल[/dropcap]ड़कियाँ लड़कों से थोड़ी आगे हैं और यह तालीम की वजह से है। आज ऐसी कोई चीज़ नहीं जो लडकियाँ हासिल नहीं कर सकतीं। अगर वो सोच लें तो वो कर सकती हैं। राक्षसों को भी हरा सकती हैं। इन ख़्यालात का इज़हार यूनीसेफ की गुडविल सफ़ीर और मशहूर अदाकारा करीना कपूर ने किया। वो […]

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उड़ीसा का पूजा गांव — स्वच्छता की मिसाल

[dropcap]उ[/dropcap]ड़ीसा के जगतसिंहपुर ज़िले का पूजा गांव पूरे मुल्क के लिए मिसाल बन गया है। इस गांव के लोगों ने वसीअ (बड़ी) मुहिम चला कर हर घर में बैत उल-ख़ला (शौचालय) बनाने में कामयाबी हासिल की है। गांव के लोगों ने स्मार्ट फ़ोन से टॉयलेट की तस्वीर सरकार की वेबसाइट पर भेजी। वाज़िह (ध्यान) रहे […]

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पानी बिन जीवन कैसा?

[dropcap]म[/dropcap]छली जल की रानी है जीवन उस का पानी है, यानी पानी होगा तभी ज़िंदगी बाक़ी रहेगी। पानी, पानी, पानी का हाहाकार है। क़ौमी मीडीया की गुफ़्तगू का मौज़ू (विषय) बना हुआ है। पानी है कि हाथ से फिसल कर आँख से छलकने को बेताब है। कहते हैं कि पानी अपना रास्ता ख़ुद बना लेता है। […]

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सफ़ाई को मिला क्रिकेट का साथ

गांधी के यौम-ए-पैदाइश को वज़ीर-ए-आज़म ने स्वच्छता दीवस के तौर पर मनाने का फ़ैसला कर अवाम को सफ़ाई की तरफ़ मुतवज्जा किया। पहले गांधी जयंती का मतलब था छुट्टी यानी देर तक सोना, तफ़रीह व मस्ती करन वग़ैरा। नरेंद्र मोदी के इस क़दम की उनके मुख़ालिफ़ भी तारीफ़ किए बग़ैर न रह सके। उन्होंने इस […]

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रोटावाइरस के टीके से होगी बच्चों की हिफ़ाज़त

ये वायरस, वो वायरस, जिधर देखो वायरस ही वायरस। बात हो रही है रोटावायरस की, रोटी की नहीं, न ही किसी फ़िल्मी वायरस की, उस वायरस की जो बैक्ट्रिया के साथ हवा में तैरता रहता है। साफ़ सफ़ाई की कमी या गंदगी की सूरत में ये डायरिया की वजह बनता है। बचपन में बच्चों की […]

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फिर याद आए किसान

मौसम की मार, फ़सलों की बर्बादी और आमदनी की कमी ने किसानों को कर्ज़ों के बोझ तले दबा दिया है, जिसकी वजह से किसान ज़िंदगी पर मौत को प्राथमिकता देने लगे। उनकी हालत को सुधारने के लिए ही फ़सल बीमा की शुरूआत हुई थी। फ़सल बीमा योजना को लागू हुए 40 साल हो गए हैं, […]

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ऐसा कहाँ से लाऊँ कि तुझ सा कहूँ जिसे?

मुफ़्ती मुहम्मद सईद का गुज़रना राष्ट्र का नुक़सान है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। वो उन सिद्धांतों के संरक्षक थे जिनमें सहिष्णुता, सम्बन्ध और रिश्तों को निभाने की रिवायत थी। इस पीढ़ी के वो आख़िरी नेताओं में से थे जिन्हें नेहरूवादी कहा जाता है। मुफ़्ती साहब ख़ुद कहते थे कि मैं नेहरू के ज़माने […]