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2019 रण के लिए मोदी की नई टीम

नई दिल्ली – केंद्र की नरेंद्र मोदी मन्त्रिमण्डल का तीसरा और संभवत: 2019 चुनाव से पूर्व का आखिरी विस्तार हुआ। शपथ ग्रहण समारोह में 9 नए मंत्रियों ने शपथ ली, वहीं 4 राज्य मंत्रियों को बेहतरीन कार्यों का फल कैबिनेट मंत्री के रूप में मिला। मोदी के मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद प्रधानमंत्री (मोदी) सहित कुल 76 मंत्री हो गए हैं, जिनमें 28 कैबिनेट मंत्री हैं।

मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सहमति से नए मंत्रियों को प्रभार बांट दिए हैं। इसमें निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्रालय का अहम प्रभार दिया गया है। सीतारमण देश की पहली महिला रक्षा मंत्री हैं। हालाँकि इससे पहले कुछ समय के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रक्षा का प्रभार रखा था। वहीं, पीयूष गोयल को रेल मंत्रालय के साथ कोयला मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। मुख़्तार अब्बास नकवी को अल्पसंख्यक मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रलियम का कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

देश की महिला रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री : निर्मला सीतारमन दक्षिण भारत से भाजपा का अहम चेहरा है। वर्तमान में भाजपा की प्रवक्ता के साथ-साथ केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) तथा वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री थी। सीतारमण के कार्यों से प्रसन्न होकर प्रधानमंत्री मोदी ने उनको रक्षा मंत्री का प्रभार दिया है।

धर्मेंद्र प्रधान – धर्मेंद्र प्रधान को मोदी सरकार में केंद्रीय तेल एवं प्राकृतिक गैस, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री का कैबिनेट मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। प्रधानमंत्री का सबसे महत्वपूर्ण कौशल विकास की जिम्मेदारी भी प्रधान को दी गयी है। ओडिशा में पार्टी के लिए जगह बनाने में अहम भूमिका निभाई है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भुवनेश्वर में सफलता पूर्वक करवा कर अपना लोहा मनवाया। इसके अलावा प्रधान ने पेट्रोलियम क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाई। फ़िलहाल प्रधान बिहार से भाजपा के राज्यसभा सांसद है। हालाँकि उनके प्रभारी रहते बिहार में भाजपा को मुंह की भी खानी पड़ी थी।

नकवी – मुख़्तार अब्बास नकवी मोदी सरकार में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे। अल्पसंख्यक समुदाय का भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा है मोदी मंत्रिमंडल में। तीन तलाक के मुद्दे को भाजपा के पक्ष में करवाने में अहम भूमिका निभाने के चलते मिली पदोन्नति। अल्पसंख्यक मंत्रालय में भी अच्छा कार्य करने का फल मिला। नकवी अब कैबिनेट में शामिल कर लिए गए है। उनको अल्पसंख्यक विभाग दिया गया है।

पीयूष गोयल – गोयल मोदी सरकार में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री हैं। वें पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. वेद प्रकाश गोयल के पुत्र हैं। गोयल को ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधारों को देखते हुए मोदी मंत्रिमंडल में पदोन्नति दी गयी है।

गोयल ने कोल इंडिया की स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाए। वहीं उनके कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता में सुधार हुआ है, खासतौर पर रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में, अनुमान है कि भारत का सौर ऊर्जा उत्पादन 18GW तक बढ़ सकता है। यह 2014 में गोयल के पद संभालने के समय से छह गुना ज्यादा है। सूत्रों की मानें तो पीयूष गोयल को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाएगी।

मंत्रिमंडल प्रभार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी: कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, सभी महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दे और अन्य वे सभी विभाग, जो किसी को नहीं सौंपे गए। वहीं कैबिनेट मंत्री राजनाथ सिंह को गृह, सुषमा स्वराज को विदेश, अरुण जेटली को वित्त, कॉर्पोरेट मामले, नितिन जयराम गडकरी को सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग तथा पोत परिवहन मंत्रालय, (जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण- उमा भारती से हटाकर दिया गया है), सुरेश प्रभु को वाणिज्य एवं उद्योग (रेल मंत्रालय हटाकर), डीवी सदानंद गौड़ा को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन, उमा भारमी को पेयजल एवं स्वच्छता, रामविलास पासवान को खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, मेनका गांधी को महिला एवं बाल विकास, अनंत कुमार को रसायन एवं उर्वरक, संसदीय कार्य, रवि शंकर प्रसाद को विधि एवं न्याय, इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, जगत प्रकाश नड्डा (जे पी नड्डा) को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अशोक गणपति राजू को नागरिक उड्डयन, अनंत गीते को भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम, हरसिमरत कौर बादल को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, नरेन्द्र सिंह तोमर को ग्रामीण विकास, पंचायती राज और खनन, चौधरी बीरेंद्र सिंह को इस्पात, जुएल ओराम को आदिवासी मामले, राधा मोहन सिंह को कृषि एवं किसान कल्याण, थावरचंद गहलोत को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, स्मृति जुबीन ईरानी को कपडा और सूचना एवं प्रसारण, डॉ. हर्षवर्धन को विज्ञान एवं तकनीक, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, प्रकाश जावडेकर को मानव संसाधन विकास, धमेंद्र प्रधान को तेल एवं प्राकृतिक गैस, कौशल विकास एवं उद्यमिता, पीयूष गोयल को रेल (सुरेश प्रभु से हटाकर) एवं कोयला, मुख्तार अब्बास नकवी को अल्पसंख्यक मामले का और निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्रालय का अहम प्रभार सौंपा गया है।

वहीं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी बनाये गए हैं जिनमे राव इंद्रजीत सिंह को योजना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), रासायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री, संतोष कुमार गंगवार को श्रम एवं रोजगार (स्वतंत्र प्रभार, बंडारू दत्तात्रेय की जगह), श्रीपद येसो नाइक को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक उपचार, यूनानी, सिद्धा तथा होम्योपैथी (आयुष) का स्वतंत्र प्रभार, जितेंद्र सिंह को पूर्वोत्तर विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री, अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री, महेश शर्मा को संस्कृति राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु राज्य मंत्री (महेश शर्मा से पर्यटन विभाग हटाया गया), गिरिराज सिंह का कद बढ़ाकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग का स्वतंत्र प्रभार दिया गया। मनोज सिन्हा को संचार राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार, के साथ रेल राज्य मंत्री, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का कद बढ़ाकर उनको युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार एवं सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री बनाया गया है।

वहीं पहली बार मंत्रिमडल में शामिल राज कुमार सिंह (आर के सिंह, पूर्व गृह सचिव) को अहम विभाग ऊर्जा राज्य मंत्री एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। हरदीप सिंह पुरी को आवास एवं शहरी मामले का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। अल्फोन्स कन्ननथनम को पर्यटन का स्वतंत्र प्रभार के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी का राज्य मंत्री बनाया गया है।

36 राज्यमंत्री
इसके अलावा मंत्रिमंडल में कुल 36 राज्यमंत्री शामिल है। विजय गोयल से खेल मंत्रालय हटाकर संसदीय कार्य, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन का प्रभार दिया गया है। राधाकृष्णन पी को वित्त एवं जहाजरानी, एसएस आहलुवालिया को पेयजल एवं स्वच्छता, रमेश चंदप्पा जिगिजनागी को पेयजल एवं स्वच्छता, रामदास आठवले को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विष्णु देव साय को इस्पात, रामकृपाल यादव को ग्रामीण विकास, हंसराज गंगाराम अहीर को गृह, हरिभाई परथी भाई चौधरी को खनन एवं कोयला, रोजेन गोहेन को रेल, जनरल (से. नि.) वी के सिंह को विदेश, पुरषोत्तम रुपाला को कृषि एवं किसान कल्याण, पंचायती राज, कृष्ण पाल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, जसवंत सिंह सुमनभाई भभोर को आदिवासी मामले, शिव प्रताप शुक्ला को वित्त, अश्विनी कुमार चौबे को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सुदर्शन भगत को आदिवासी मामले, उपेंद्र कुशवाहा को मानव संसाधन विकास, किरेन रिजिजू को गृह, वीरेंद्र कुमार को महिला एवं बाल विकास, अल्पसंख्यक मामले, अनंतकुमार हेगड़े को कौशल विकास एवं उद्यमिता, एम. जे अकबर को विदेश, साध्वी निरंजन ज्योति को खाद्य प्रसंस्करण, वाई एस चौधरी को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, जयंत सिन्हा को नागरिक उड्डयन, बाबुल सुप्रिया को भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम, विजय सांपला को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अर्जुन राम मेघवाल को संसदीय कार्य , जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण (वित्त विभाग हटाया गया), अजय टमटा को कपडा, कृष्णा राज को कृषि एवं किसान कल्याण, मनसुख एल. मंडाविया को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी, रसायन एवं उर्वरक, अनुप्रिया पटेल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सी आर चौधरी को उपभोक्ता मामले, खाद्य आपूर्ति , वाणिज्य एवं उद्योग, पी. पी. चौधरी को विधि, न्याय, कंपनी मामले, सुभाष रामराव भामरे को रक्षा और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का प्रभार दिया गया है।

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