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योगी का फरमान बेअसर, स्वास्थ्य विभाग के रवैये ने ली मासूम की जान

कानपुर  गोरखपुरफरूर्खाबाद व इटावा में इलाज के अभाव में करीब 200 मासूमों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग सबक लेता नहीं दिख रहा है। कानपुर के एक अनाथ मासूम की दिल्ली में मौत हो गई है। बच्चे के समुचित इलाज के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया था।

चकेरी थाना क्षेत्र के एक पार्क में लगे झूले में लगभग नौ माह पूर्व यानि 30 दिसम्बर को एक नवजात बच्चा पड़ा हुआ मिला था। इसके बाद राहगीरों ने पुलिस और चाइल्ड लाइन संस्था को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लावारिस बच्चे के विषय में पूछताछ की तो कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद सुभाष चिल्ड्रेन संस्था को पुलिस ने नवजात को सुपुर्द करा दिया।

चाइल्ड लाइन के धर्मेन्द्र ओझा व गौरव सचान ने बताया कि क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्रोफेसर शैलेश कुमार शुक्ला ने 16 मई को इस बच्चे (शुभ) को गोद ले लिया था। लेकिन इस दौरान बच्चा बीमार हो गया और प्रोफेसर दम्पति ने जांच कराई तो पता चला कि बच्चे की दोनों किडनियाँ खराब हैं। यह जानकार दम्पति बच्चे को 14 सितम्बर को वापस कर गये।

सीएम ने बेहतर इलाज का दिया था आदेश

संस्था के गौरव सचान ने बताया कि इसके बाद बच्चे को हैलट अस्पताल में इलाज के लिए के भर्ती कराया गया जहाँ पर डाक्टरों ने मरीज को लखनऊ केजीएमयू रेफर कर दिया।

इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई गई और उन्होंने आदेश दिया कि इस अनाथ मासूम का किसी भी अस्पताल में बेहतर इलाज किया जाए। इसके तहत बच्चे को पीजीआई में भर्ती कराया गया, पर डाक्टरों ने लापरवाही से इलाज करते हुए इसे एम्स दिल्ली ले जाने को कहा।

सचान ने बताया कि एम्स के डाक्टरों ने बेड खाली न होने का बहाना बनाकर बच्चे का इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद बच्चे को दिल्ली के ही सफदरगंज अस्पताल ले जाया गया जहाँ पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

संस्था के लोगों में रोष व्याप्त है। सुभाष चिल्ड्रेन सोसाइटी के अध्यक्ष कमलकान्त तिवारी ने कहा कि जब मुख्यमंत्री का आदेश स्वास्थ्य विभाग नहीं मानता तो आम जनता को यह उम्मीद करना बेमानी है कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज मिल जाएगा।

पोस्टमार्टम में भी सरकारी सिस्टम ने रुलाया

सुभाष चिल्ड्रेन संस्था के लोग शुक्रवार को बच्चे का शव लेकर हैलट-स्थित पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचे। यहां पर भी उन्हें सरकारी तंत्र ने रुलाया। सचान ने बताया कि सुबह 6 बजे यहां पर वे बच्चे का शव लेकर आये थे, लेकिन यहां यह कहकर पोस्टमार्टम करने में देर कर दी गई कि पहले वारिस शव का पोस्टमार्टम होगा फिर लावारिस का। जबकि नौ माह के शुभ को चाइल्ड लाइन गोद लिये हुए थी।

Sirf News Network

By Sirf News Network

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