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वर्षा बंगले के कर्मचारी खाने तक को मोहताज, कर रहे पूर्व सीएम फडणवीस को मिस

ऐसी स्थिति में जब इन कर्मचारियों की कोई नही सुन रहा है, इन्हें पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उनके स्नेह व सेवाभाव की बहुत याद आ रही है

कोरोनावायरस के कारण 18 मई से देश भर में लॉकडाउन 4.0 लागू किया गया है। वायरस का सबसे ज़्यादा असर महाराष्ट्र में हैं। महाराष्ट्र में मरीज़ों की संख्या लगभग 40,000 तक पहुँच गई है । प्रशासन इस बात को हल्के में लेता हुआ नज़र आ रहा हैं। महाराष्ट्र में क़रीब चार से पांच लाख मज़दूर अपने-अपने घर पलायन कर रहे है। वहीं सिर्फ न्यूज़ को एक चौंकाने वाली ख़बर मिली है। ख़ुफ़िया सूत्रों द्वारा पता चला है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मुख्यालय यानी मुंबई-स्थित वर्षा बंगलो में वहां के कर्मचारियों को खाने-पीने के लाले पड़े हैं।

वर्षा बंगलो में इस समय क़रीब 50 कर्मचारी मौजूद हैं जिसमें सबसे ज़्यादा पुलिस कर्मी हैं।

यहां के कर्मचारियों को क़रीब एक महीने से ज़रूरी सामान नहीं मिल रहे हैं। यहां के कर्मचारी दूसरों से खाने-पीने के और अन्य आवश्यक सामान का इंतज़ाम करवा रहे हैं।

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इन कर्मचारियों की कोई नहीं सुन रहा है और यह कर्मचारी अपने पूर्व सीएम यानी देवेंद्र फडणवीस को बहुत ‘मिस’ कर रहे हैं।

फडणवीस अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों की हर छोटी से छोटी बात का ध्यान रखते हैं। उनके कार्यकाल में वर्षा बंगलो उनके इस व्यवहार में अपवाद नहीं था।

सूचना मिलने पर बीजेपी के एक नेता ने इन कर्मचारियों को क़रीब 20 दिनों के लिए हर ज़रूरी सामान का इंतज़ाम करके आए। कर्मचारियों ने इनका धन्यवाद किया।

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अघाड़ी सरकार जब अपने कर्मचारियों का ही ठीक से ध्यान नहीं रख पा रही है तो राज्य का ध्यान कैसे रखेंगी? अब तो ऐसा लगता है कि सरकार केवल कुर्सी बचाने में लगी है।

सवाल यह उठता है कि इन कर्मचारियों को ज़रूरी सामान मुहैया क्यों नहीं हो रहा हैं? इनकी बातों को अनसुना क्यों किया जा रहा हैं? क्या अघाड़ी सरकार ने कोरोनावायरस के आगे घुटने टेक दिए? मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने कर्मचारियों पर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं?

कितनी सुरक्षित महाराष्ट्र महाराष्ट्र में इन दिनों बहुत सारी घटनाएं घटीं जैसे पालघर साधु हत्या और वधावन पिकनिक कांड, कुर्ला में पुलिस वालों से मारपीट, पालघर में साधुओं की पैरवी करने वाले वकील की एक सड़क दुर्घटना में मौत, आदि। सायन हॉस्पिटल का वीडियो तो सब ने देखा ही है। और सबसे अहम बात है की इस बार मानसून के लिए कितनी तैयार है बीएमसी?

Siddharth Raghvendra Raghuvanshi

By Siddharth Raghvendra Raghuvanshi

Editorial Assistant of Sirf News with experience in covering sports and entertainment for Navbharat Times and Network 18's IBN Lokmat

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