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Sunday 9 August 2020

यूरोप में भीषण गर्मी, जानमाल का भारी नुक़सान

रोम — दक्षिणी यूरोप के ज़्यादातर हिस्सों में इस बार भीषण गर्मी पड़ रही है। इससे अब तक कई जानें जा चुकी हैं और अरबों डॉलर की फ़सलों को नुक़सान पहुँचा है। लू लगने से इटली और रोमानिया में कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी रविवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली।

समाचार एजेंसी रॉयटर के अनुसार वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दशकों में स्थिति और भी बिगड़ सकती है। बहरहाल, स्पेन, पुर्तगाल, दक्षिण फ्रांस, इटली, बाल्कन और हंगरी के अधिकांश भागों में अभूतपूर्व तापमान दर्ज किया गया है। प्रभावित इलाक़ों में पारा रोज़ 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। भीषण गर्मी के कारण सूखा पड़ रहा है और जुलाई में लू चलने से इन यूरोपीय देशों के जंगलों में आग लग रही है। पुर्तगाल के जंगलों में लगी आग में अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है।

भीषण गर्मी के कारण इटली के अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज़ों की संख्या में 15-20% की वृद्धि हुई है। इनमें ज़्यादातर लोग लू लगने से बीमार पड़े हैं।

लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ जर्नल में छपे एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगर जलवायु परिवर्तन के असर को कम करने के लिए कोई ठोस क़दम नही उठाया गया तो यूरोप में हर साल कम से कम 52 हजार से अधिक लोग मारे जाएंगे।

लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ में वैज्ञानिकों ने चेताया है कि दक्षिणी यूरोप गर्म हवाओं से अधिक प्रभावित होगा और यहाँ जलवायु परिवर्तन से 99% मरने वाले लोगो के पीछे कारण गर्म हवाएँ होंगी।

मौसम विशेषज्ञों ने अध्ययन ने नतीजों को चिंताजनक बताते हुए कहा है कि अगर ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम नहीं किया गया और ख़राब मौसम के असर को कम करने के लिए नीतियों में बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

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