Categories
Crime

आसिफ़ द्वारा फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र के सहारे IAS में दाख़िला — जाँच शुरू

IBC अधिकारी आसिफ़ के पक्ष में कन्नूर तालुक कार्यालय के तहसीलदार द्वारा जारी ओबीसी प्रमाणपत्र और आय प्रमाणपत्र ‘त्रुटिपूर्ण एवं अनुचित’ है

केंद्र सरकार ने केरल सरकार को थलासेरी सब-कलेक्टर आसिफ़ के यूसुफ़ के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। अधिकारी पर आरोप है कि उनके द्वारा प्रस्तुत अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी) प्रमाणपत्र मान्य नहीं है।

केरल के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा गया है कि IBC अधिकारी आसिफ़ के पक्ष में कन्नूर तालुक कार्यालय के तहसीलदार द्वारा जारी ओबीसी प्रमाणपत्र और आय प्रमाणपत्र “त्रुटिपूर्ण एवं अनुचित” है।

केंद्र ने अपने पत्र में कहा कि ओबीसी प्रमाणपत्र और अधिकारी का आय प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया है। केंद्र ने यह भी कहा कि आसिफ के आईएएस की पुष्टि नहीं की गई है, बल्कि केरल सरकार के विजिलेंस विभाग से उन्हें अभी क्लीयरेंस नहीं मिला था।

पत्र में भारतीय प्रशासनिक सेवा (अस्थायी) नियमों और अखिल भारतीय सेवाओं (अनुशासन और अपील) नियमों के विभिन्न वर्गों के तहत आईएएस अधिकारी के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

आसिफ़ के ख़िलाफ़ आरोप यह भी है कि इन 2016 बैच के आईएएस अधिकारी व उपजिलाधिकारी आसिफ़ ने ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ उठाने के लिए फ़र्ज़ी आय प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षाओं को पास करने के बाद उम्मीदवार सेवाओं के आवंटन के लिए ओबीसी श्रेणी के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए एक ग़ैर-क्रीमी लेयर (जिनके परिवार ने अभी तक आरक्षण का लाभ नहीं उठाया) प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना पड़ता है। केंद्र सरकार के नियम के अनुसार ओबीसी श्रेणी की ग़ैर-क्रीमी लेयर के तहत आने के लिए उम्मीदवारों के माता-पिता को लगातार तीन वर्षों तक 6 लाख रुपये या उससे अधिक की वार्षिक आय नहीं होनी चाहिए।

एर्नाकुलम ज़िलाधीश कलेक्टर एस सुहास को केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया था। नवंबर 2019 में उन्होंने मुख्य सचिव को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जिसमें कहा गया कि आसिफ़ ने जाली दस्तावेज और आय प्रमाणपत्र ओबीसी श्रेणी के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत किए थे।

पूछताछ के बाद यह पाया गया कि आसिफ़ के माता-पिता की वार्षिक सकल आय 6 लाख रुपये से अधिक थी।

मातृभूमि समाचारपत्र के अनुसार कन्नूर तहसीलदार के ख़िलाफ़ नक़ली प्रमाणपत्र जारी करने के लिए भी कार्रवाई की जाएगी।

आसिफ़ ने 2015 की सिविल सेवा परीक्षा में 215वीं रैंक हासिल की थी। रैंक के अलावा ओबीसी प्रमाणपत्र उम्मीदवार को उच्च रैंक की सेवाओं के लिए पुनाराबंटन के समय मदद करता है।

Sirf News Network

By Sirf News Network

Ref: ABOUT US

Leave a Reply