Categories
India

‘बंधक’ विधायकों को छोड़कर तो देखें कांग्रेस-जेडीएस— अमित शाह

नयी दिल्ली—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)अध्यक्ष अमित शाह ने आज आरोप लगाया कि कांग्रेस व जनता दल सेक्युलर ने अपने विधायकों को अभी तक बंधक बनाकर रखा है| जब भी ये विधायक ‘बंधन’ से आजाद होकर अपने –अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाएंगे तो मतदाता उनसे जनादेश के बारे में सवाल पूछेंगे।
आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में बदलाव का संकेत देते हुए श्री शाह ने कहा कि पहले ये विधायक बंधनमुक्त तो हों, फिर देखिए। श्री शाह ने कर्नाटक के हालिया सियासी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए साफ किया कि सबसे बड़े दल के नाते उनकी पार्टी ने सरकार बनाने का दावा पेश कर अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी बखूबी निभाई| ये दीगर बात है कि पार्टी बहुमत का आंकड़ा न हासिल कर सकी और शक्ति परीक्षण से ऐन पहले ही मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने पद से इस्तीफा दे दिया।
दरअसल,भाजपा की नजर अब कांग्रेस-जनता दल सेक्यूलर (जद-एस) गठजोड़ में बनने वाली सरकार पर टिकी है। श्री शाह ने इशारों ही इशारों में संकेत दे दिया है कि जद-एस और कांग्रेस गठजोड़ वाली सरकार में सब कुछ ठीक नहीं रहने वाला। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज कहा कि दोनों दल अभी अपने विधायकों को ‘बंधक’ बनाए हुए हैं| जिस दिन वे विधायकों को रिहा करेंगे उसके बाद तस्वीर बदल सकती है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस और जद-एस अपने विधायकों को पंचतारा होटलों से छोड़कर तो देखें| जनता उनको बता देगी कि किसके पक्ष में मतदान करना है। श्री शाह ने ने दोनों दलों को चुनौती देने के अंदाज में कहा कि ‘एमएलए को छोड़ कर तो देखो’।
इसके साथ ही श्री शाह ने कर्नाटक में कांग्रेस-जद-एस गठबंधन की बनने जा रही सरकार के भविष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ लड़कर चुनाव जीता है। ऐसे में जद-एस अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे हमले और आरोप लगाए हैं। श्री शाह ने इसके समर्थन में दोनों दलों के नेताओं के बयानों की कुछ प्रतियां भी वितरित कीं। ऐसा कर उन्होंने यह जताने की कोशिश की कि कर्नाटक की भावी सरकार में अंतर्द्वंद उसके गठन के साथ ही शुरू हो जाएगा।
 
कांग्रेस सहित विपक्ष की एकजुटता की पहल को खास तवज्जो नहीं देते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज कहा कि उनकी पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव में बड़े बहुमत से जीतेगी ।

उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भी विपक्षी दल अलग अलग राज्यों में भाजपा के खिलाफ लड़े थे और उनकी पार्टी तब भी जीती थी और यही बात 2019 में होगी जब वह उससे भी बड़े बहुमत से जीतेगी ।

शाह ने भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा,‘‘कर्नाटक के इस घटनाक्रम के बाद अब कांग्रेस ने अपनी हार को जीत बताने का एक नया तरीका खोज लिया है। मैं उम्मीद करता हूं कि जीत की यह नई परिभाषा 2019 तक जारी रहेगी और विपक्षी पार्टी की जीत की यही व्ख्याख्या रही तो 2019 में भाजपा को कोई परेशानी नहीं होगी ।’’

भाजपा के खिलाफ देशभर में विपक्ष की एकजुटता की पहल के बारे में एक सवाल के जवाब में भाजपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि ममता बनर्जी कर्नाटक में क्या करेंगी, अखिलेश यादव मध्यप्रदेश में क्या करेंगे, राहुल पश्चिम बंगाल में क्या करेंगे ?

उन्होंने कहा,‘‘ये लोग 2014 लोकसभा चुनाव में भी हमारे खिलाफ लड़े थे, तब भी हम जीते थे । 2019 के लोकसभा चुनाव में भी ये सभी लोग लड़ने जा रहे हैं, हम इससे बड़े बहुमत से जीतेंगे ।’’ लोकसभा की कुछ सीटों पर उपचुनाव में भाजपा की हार के संबंध में अमित शाह ने कहा कि 2014 से 2018 के बीच हम 9 लोकसभा सीटें हारे लेकिन हमने 14 राज्यों में जीत दर्ज की ।

उन्होंने कहा,‘‘हमने कांग्रेस से 14 राज्य छीने हैं। कांग्रेस को बताना चाहिए कि 14 राज्यों की हार बड़ी होती है या 9 लोकसभा सीटों की हार बड़ी होती है ।’’

गोवा और मणिपुर में कांग्रेस के सबसे बड़े दल होने के बावजूद भाजपा के सरकार बनाने के बारे में सवाल पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गोवा और मणिपुर में कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा ही नहीं किया था । जब सबसे बड़ा दल सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करता है तब राज्यपाल दूसरे सबसे बड़े दल को मौका देते हैं । इस वजह से राज्यपाल ने इन दोनों जगहों पर दूसरे सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए बुलाया।

शाह ने कहा कि कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में यह झूठ बोला कि येदियुरप्पा ने राज्यपाल से 7 दिनों का समय मांगा है। कांग्रेस के पास अगर कोई सबूत है तो वह पत्र दिखाए।

हिन्दुस्थान समाचार

Sirf News Network

By Sirf News Network

Ref: ABOUT US

Leave a Reply