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जापान की 87 कंपनियों ने चीन को बोला अलविदा

जापान दुनिया का पहला देश था जिसने अप्रैल माह में अपनी मैन्‍यूफैक्‍चरिंग कंपनियों को चीन से बाहर निकालने के आदेश दे दिए हैं

जापान की कंपनियां अब चीन से निकलने लगी हैं। शुक्रवार को देश के इकॉनमी, ट्रेड एंड इंडस्‍ट्री की तरफ से उन जापानी कंपनियों के पहले ग्रुप की जानकारी सार्वजनिक की गई जिन्‍हें चीन से निकलकर दक्षिण पूर्व एशिया या जापान में वापस आने पर सब्सिडी दी जाएगी। जापान की सरकार के लिस्‍ट में 87 कंपनियां ऐसी हैं जिन्‍हें अपनी प्रोडक्‍शन चेन को चीन से बाहर निकालने पर कई अरब डॉलर की मदद सरकार की तरफ से मिलेगी। एशिया निक्‍केई की एक रिपोर्ट में इस खबर की पुष्टि की गई है।

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की सरकार की तरफ से चीन से बाहर आने वाली 87 कंपनियों के पहले ग्रुप को 653 मिलियन डॉलर यानी करीब 49 अरब रुपए की मदद दी जाएगी। सरकार की तरफ से यह कदम करोनोवायरस महामारी के चलते लिया गया है। अप्रैल माह में आबे सरकार ने ऐलान किया था कि जो कंपनी चीन के बाहर जापान या दूसरे देश में जाएगी, उसकी मदद सरकार की तरफ से होगी। आबे नहीं चाहते हैं कि सप्‍लाई चेन के लिए जापान को चीन या फिर किसी और पड़ोसी देश पर निर्भर रहना पड़े।

हांगकांग पर नेशनल सिक्यॉरिटी कानून लागू किए जाने की वजह से जापान के प्रधानमंत्री शिंजों आबे की पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने सरकार से शी चिनपिंग के जापान दौरे पर दोबारा विचार करने की अपील की है। हांगकांग पर नेशनल सिक्यॉरिटी कानून लागू किए जाने के कारण जापान को इस बात का भी डर है कि इस नए कानून की वजह से हांगकांग में जापान के लोगों और कंपनियों के अधिकारों में कटौती की जाएगी।

37 कंपनियां वियतनाम और लाओस की तरफ जाएंगी

जो 87 कंपनियां चीन को छोड़ रही हैं उनमें 37 कंपनियां वियतनाम और लाओस की तरफ जाएंगी। ये कंपनियां हार्ड ड्राइव के पार्ट्स बनाने वाली हैं जिनमें होया का नाम भी शामिल है। इसके अलावा सुमितोमो रबर इंडस्‍ट्रीज मलेशिया की तरफ जाएगी। शिन-एत्‍सु केमिकल अपना प्रोडक्‍शन वियतनाम में शिफ्ट करेगी। जबकि 57 प्रोजेक्‍ट्स जापान वापस आ रहे हैं। घर की जरूरतों का सामान बनाने वाली कंपनी इरिस ओहायामा अभी चीनी प्‍लांट्स में फेस मास्‍क तैयार कर रही है। इसका प्‍लांट लियाओनिंग प्रांत के डालियान और शंघाई के पश्चिम में स्थित शुझोहू में है।

सब्सिडी की मदद से कंपनी अब मियागी प्रांत में स्थित काकुदा फैक्‍ट्री में मास्‍क तैयार करेगी। सभी सामान लोकल होगा जोकि अभी तक चीन से लिया जाता था। पर्सनल हाइजीन से जुड़ा सामान तैयार करने वाली कंपनी सराया ने भी चीन से निकलने का फैसला कर लिया है। सराया एल्‍कोहल बेस्‍ड सैनिटाइजर तैयार करती है। इसके अलावा एविएशन पार्ट्स, ऑटो पार्ट्स, फर्टिलाइजर, दवाई और पेपर प्रोडक्‍ट बनाने वाली कंपनियां जिसमें शार्प, शिओनगी, टेरुमो और कानेका शामिल हैं, वो भी चीन से बाहर आ रही हैं। जापान चीन का सबसे बड़ा ट्र‍ेडिंग पार्टनर है।

महामारी का असर चीन की अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ेगा, इस बात की आशंका तो विशेषज्ञों ने जताई थी मगर इतनी जल्दी यह आशंका सच साबित होने लगेगी, कोई नहीं जानता था। जापान दुनिया का पहला देश था जिसने अप्रैल माह में अपनी मैन्‍यूफैक्‍चरिंग कंपनियों को चीन से बाहर निकालने के आदेश दे दिए हैं। पीएम आबे ने उन कंपनियों को 2.2 बिलियन डॉलर के पैकेज का ऐलान किया था, जिनकी यूनिट चीन में हैं। यह पैकेज उन्‍हें चीन से प्रॉडक्‍शन शिफ्ट करने के लिए दिया जाएगा। चीन में कोरोना वायरस की वजह से सप्‍लाई पर खासा असर पड़ रहा है। ऐसे में जापान की सरकार ने कंपनियों से कहा है कि वह वापस जापान में प्रोडक्‍शन यूनिट लगाएं।

Sirf News Network

By Sirf News Network

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